ज़ांज़ीबार द्वीप का भूगोल, मौसम और जलवायु

ज़ांज़ीबार से: “तट” और Zangi (जैंगि): “काला”, पूर्वी अफ्रीका के यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया का एक अर्द्ध-स्वायत्त हिस्सा है। इसमें हिंद महासागर में ज़ांज़ीबार द्वीपसमूह शामिल है जो मुख्य भू-भाग के तट से 25–50 किलोमीटर (16–31 मील) दूर है और यह कई छोटे-छोटे द्वीपों और दो बड़े द्वीपों: उन्गुजा (मुख्य द्वीप, जिसे अनौपचारिक रूप से ज़ांज़ीबार के रूप में संदर्भित किया जाता है) और पेम्बा से मिलकर बना है। अन्य समीपवर्ती द्वीप देशों और क्षेत्रों में दक्षिण की तरफ स्थित कोमोरोस और मैयट, सुदूर दक्षिण पूर्व की तरफ स्थित मॉरिशस और रीयूनियन और पूर्व में लगभग 1,500 किमी दूर स्थित सेशेल्स द्वीप समूह शामिल है। आरंभिक काल में अरबी और पुर्तगाली व्यापारियों ने इस क्षेत्र का दौरा किया और अठारहवीं और उन्नीसवीं सदियों में इस पर ओमानवासियों का नियंत्रण था। ब्रिटेन ने 1890 में यहाँ एक संरक्षित राज्य की स्थापना की थी जो दिसंबर 1963 में एक स्वतंत्र सल्तनत बन गया और जनवरी 1964 में एक विद्रोह के बाद यह एक गणतांत्रिक क्षेत्र बन गया। अप्रैल 1964 में यह तन्गानिका से जुड़ गया और एक नए गणतंत्र का निर्माण हुआ जिसे अक्टूबर 1964 में तंजानिया नाम दिया गया। (फ्रोमर्स, 2002) उन्गुजा द्वीप पर स्थित ज़ांज़ीबार की राजधानी का नाम ज़ांज़ीबार शहर है और स्टोन टाउन के नाम से मशहूर इसका ऐतिहासिक केन्द्र एक वर्ल्ड हेरिटेज साईट (विश्व विरासत स्थल) है।
ज़ांज़ीबार के मुख्य उद्योग मसाले, रैफिया (ताड़ के पेड़ का रेशा) और पर्यटन है। खास तौर पर इन द्वीपों पर लौंग, जायफल, दालचीनी और काली मिर्च का उत्पादन होता है। इस वजह से तंजानिया के माफिया द्वीप के साथ इन द्वीपों को कभी-कभी मसाला द्वीप समूह (एक ऐसा शब्द जिसका संबंध इंडोनेशिया के मलुकू द्वीप समूह से भी है) कहा जाता है। स्थानिक ज़ांज़ीबार रेड कोलोबस और संभवतः विलुप्त जैजिबार तेंदुए का घर होने के नाते ज़ांज़ीबार की पारिस्थितिकी उल्लेखनीय है।

इतिहास

माइक्रोलिथिक उपकरणों की मौजूदगी इस बात की साक्षी है कि ज़ांज़ीबार में कम से कम 20,000 वर्षों से मनुष्यों का वास रहा है। ज़ांज़ीबार शब्द की उत्पत्ति फ़ारसी शब्द “जैंगि-बार” (जैंगि=काला और बार=का स्थान) से हुई है। यह द्वीप समूह उस समय विस्तृत विश्व के ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन गया जब फ़ारसी व्यापारियों को इस द्वीप समूह का पता चला और जब उन्होंने इस द्वीप समूह का इस्तेमाल मध्य पूर्व, भारत और अफ्रीका के बीच की यात्राओं के एक आधार के रूप में किया। उन्गुजा, बड़ा द्वीप, ने एक संरक्षित और रक्षायोग्य पोताश्रय प्रदान किया इसलिए द्वीप समूह ने कुछ मूल्यवान उत्पादों की पेशकश की, फारसियों ने यहाँ बसना शुरू कर दिया जो आगे चलकर ज़ांज़ीबार शहर (स्टोन टाउन) के नाम से जाना जाने लगा जो पूर्व अफ़्रीकी तटीय नगरों के साथ व्यापार करने के लिए एक सुविधाजनक केन्द्र था।
उन्होंने इस द्वीप समूह पर चौकियां स्थापित की और दक्षिणी गोलार्द्ध में उन्होंने प्रथम पारसी अग्नि मंदिर और मस्जिद का निर्माण किया।
अन्वेषण युग के दौरान पुर्तगाली साम्राज्य ज़ांज़ीबार पर नियंत्रण प्राप्त करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति थी और लगभग 200 वर्षों तक यह पुर्तगालियों के कब्जे में रहा। 1698 में ज़ांज़ीबार ओमान सल्तनत के नियंत्रण में चला गया जहां एक शासक अरबी कुलीन के साथ नकदी फसलों और व्यापार की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ। मसालों का उत्पादन करने के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया गया इसलिए इसका नाम मसाला द्वीप समूह पड़ गया। ज़ांज़ीबार के लिए फायदेमंद साबित होने वाला एक और प्रमुख व्यापार हाथीदांत था। ज़ांज़ीबार के सुल्तान ने पूर्व अफ़्रीकी तट के एक महत्वपूर्ण भाग पर कब्ज़ा कर लिया जिसे जैंज के नाम से जाना गया; इसमें मोम्बासा, डार एस सलाम और व्यापारिक मार्ग जैसे कांगो नदी पर किंडू तक जाने वाला मार्ग शामिल थे जिससे इस द्वीप का काफी विस्तार हुआ।
कभी-कभी धीरे-धीरे और कभी-कभी उठते-बैठते ज़ांज़ीबार का नियंत्रण ब्रिटिश साम्राज्य के हाथों में चला गया; दास व्यापार के उन्मूलन के लिए उन्नीसवीं सदी में किया गया आंदोलन इस हस्तांतरण की राजनीतिक प्रेरणा का एक हिस्सा था। 1890 के हेलोगोलैंड-ज़ांज़ीबार की संधि द्वारा उस समय की सबसे नजदीकी प्रासंगिक औपनिवेशिक सत्ता जर्मन साम्राज्य और ब्रिटेन साम्राज्य के बीच एक नए रिश्ते की शुरुआत हुई जिसमें जर्मनी ने द्वीपीय ज़ांज़ीबार में ब्रिटिश हितों के साथ हस्तक्षेप न करने का वचन दिया। उस वर्ष, ज़ांज़ीबार ब्रिटेन का एक संरक्षित क्षेत्र (उपनिवेश नहीं) बन गया। 1890 से 1913 तक कठपुतलियों की तरह शासन कार्य करने के लिए पारंपरिक विजीरों की नियुक्ति की गई जो 1913 से 1963 तक ब्रिटिश निवासियों (प्रभावी रूप से गवर्नर) की एक प्रणाली में परिवर्तित हो गई। 25 अगस्त 1896 को प्रो-ब्रिटिश सुल्तान हमद बिन थुवैनी की मौत और ब्रिटिशों की मंजूरी के बिना सुल्तान खालिद बिन बर्घाश के सिंहासनारूढ़ होने के फलस्वरूप एंग्लो-ज़ांज़ीबार युद्ध हुआ। 27 अगस्त 1896 की सुबह को शाही नौसेना के जहाजों ने बिट अल हुकुम पैलेस को नष्ट कर दिया। 38 मिनट बाद एक संघर्ष विराम की घोषणा की गई और इस दिन हुई बमबारी को इतिहास का सबसे छोटा युद्ध माना जाता है।

भूगोल, मौसम और जलवायु

2,461 किमी2 (950 वर्ग मील) क्षेत्रफल में फैला ज़ांज़ीबार मुख्य रूप से एक निम्न स्तरीय द्वीप है जिसका उच्चतम स्थल 120 मीटर ऊंचा है। यह 108 किमी लंबा और 32 किमी चौड़ा है। सर्दियों के दौरान यह +3 जीएमटी और गर्मियों के दौरान +2 रहता है। यह तंजानिया की मुख्य भू-भाग से लगभग 25 मील और भूमध्य रेखा से 6° दक्षिण में हिंद महासागर में स्थित है। सुन्दर रेतीले समुद्र तट और किनारे की तरफ कोरल रीफ के साथ ऐतिहासिक स्टोन टाउन – जिसके बारे में कहा जाता है कि यह पूर्व अफ्रीका का एकमात्र क्रियाशील प्राचीन नगर है – का जादू यहाँ की मुख्य विशेषता है। पूर्वी तट के चारों तरफ स्थित कोरल रीफ (मूंगे का पहाड़) समुद्री विविधता के मामले में धनी है।
यहाँ गर्मियों में मौसमी गर्मी पड़ती है जो अक्सर हवा की दशाओं के प्रभाव में आते ही ठंडी पड़ जाती है जिसके परिणामस्वरूप खास तौर पर उत्तरी और पूर्वी तटों पर समुद्री समीर बहने लगती है। भूमध्यरेखा के निकट स्थित होने की वजह से यह द्वीप समूह वर्ष भर गर्म रहता है लेकिन आधिकारिक तौर पर दिसंबर और जून में क्रमशः सबसे ज्यादा गर्मी और सबसे ज्यादा सर्दी पड़ती है।
नवंबर के महीने में थोड़ी बहुत बारिश हो सकती है लेकिन आम तौर पर बारिश की बौछारें पड़ती हैं जो ज्यादा देर तक नहीं टिकती हैं। आम तौर पर अप्रैल और मई के महीनों में ज्यादा देर तक बारिश होती है हालांकि इसे अक्सर “हरित मौसम” के रूप में संदर्भित किया जाता है और उस दौरान यहाँ आम तौर पर रोज बारिश नहीं होती है।

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